आजसू की चुनौती, आमने-सामने बैठकर गठबंधन की समीक्षा करे भाजपा

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रांची, जेएनएन। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के विधायक सह प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आमने-सामने बैठकर गठबंधन की समीक्षा करने की चुनौती दी है। उन्होंने दो टूक कहा है कि सीधी बात के दौरान पार्टी स्पष्ट करेगी कि झारखंडी भावनाओं और जरूरतों की किस तरह अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो सरकार की नीतियों और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक फैसले लेने का आग्रह करते रहे हैं, लेकिन हालात अच्छे नहीं हैं।सहिस राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह द्वारा दिए गए यह बयान कि आजसू पार्टी एनडीए का बहुत बड़ा घटक नहीं है, पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। सहिस ने कहा है कि अगर आजसू बड़ा घटक नहीं है तो भाजपा को गठबंधन में किस हैसियत वाले दल की जरूरत है, मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए। मंत्री को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा है कि मंत्री को शायद वर्ष 2000 की याद नहीं है, जब अकेला विधायक सुदेश महतो के समर्थन में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। 2005 में आजसू ने ही एनडीए की सरकार बनवाई थी। आज की बात करें तो यह आजसू की सकारात्मक सोच का हीं परिणाम है कि राज्य में पहली बार बहुमत की सरकार बनी है।विकास का एजेंडा सिर्फ भाजपा के लिए ही सर्वोपरि नहीं है। आजसू हर मामले में अधिक ईमानदार रही है, चाहे वह गठबंधन धर्म का मामला हो, विकास का मामला हो अथवा झारखंड के आदिवासियों-मूलवासियों के हित का मामला हो। आदिवासियों- मूलवासियों की भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आज भाजपा और सरकार अगर झारखंड में खुद को दमदार स्थिति में आंकती है तो उसमें आजसू का सहयोग भी शामिल है। उन्होंने कहा है कि झारखंड को गिरवी रखने वालों ने महागठबंधन बनाकर एकबार फिर राज्य को विनाश के गर्त में धकेलने का प्रयास शुरू किया है, आजसू उसकी मंशा सफल नहीं होने देगी। आजसू ने इसलिए स्थिति की समीक्षा का फैसला लिया है।

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