काबुल की ये लड़की पाक रिफ्यूजी कैंप में पली बढ़ी, स्वदेश लौट कर बच्चों के लिए कर रही ये नेक काम

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काबुल (एजेंसी)। ब्लू बस के दरवाजे जैसे ही खुलते हैं, दर्जनों बच्चे निर्भीक होकर और उत्साहित होते हुए दौड़ कर बस में चढ़ जाते हैं। ये नाजारा आतंकवाद प्रभावित अफगानिस्तान के शहर काबुल का है। ये बस एक चलती-फिरती लाइब्रेरी है जहां बच्चे अपनी पसंद के पुस्तकों को पढ़ने के लिए आते हैं। दरअसल यहां एक पब्लिक बस को चलते-फिरते लाइब्रेरी में तब्दील कर दिया गया है। जहां छात्रों और छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त में किताबें पढ़ने की सुविधा मुहैया करवाता है।

दिलचस्प बात ये है कि तालिबानियों के आतंक के लिए मशहूर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में जहां लोग आज भी घरों से निकलना पसंद नहीं करते हैं वहीं ये बस एक नया इतिहास रच रहा है। मोबाइल लाइब्रेरी बस हर दिन 300 बच्चों को पढ़ने का मौका देती है। ये बसें सरकारी होती हैं जो किराये पर लेकर इस मकसद से चलाई जाती हैं।

इन बसों को आतंकवादी प्रभावित इलाकों में नहीं चलाया जाता है। इन्हें शांत इलाकों में चलाया जाता है जहां बच्चे आसानी और शांतिपूर्वक बिना भय के अपनी पढ़ाई कर सकें। बस में लड़कों के लिए पीछे की तरफ बैठने की व्यवस्था की गई है जबकि लड़कियों के लिए आगे की तरफ बैठने की व्यवस्था की गई है। बताया जाता है कि इन बसों के लिए अफगानिस्तान के पब्लिशर्स के द्वारा लगभग 600 पुस्तकें दान में दी गई हैं।13 वर्षीय जाहरा का कहना है कि वे सप्ताह में एक बार बस में पढ़ने के लिए आती हैं। वह आगे कहती है कि आज वह स्वास्थ्य के बारे में पुस्तक में पढ़ रही है। वह सीख रही है कि स्वास्थ्य सही रखने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं। वह कहती है कि वह घर जाकर सभी को इसके बारे में बताएगी।

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