30 नदियों का जल अर्पित करने के साथ स्टैैच्यू ऑफ यूनिटी का उदघाटन किए नरेंद्र मोदी

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स्वदेश विचार-नई दिल्‍ली(३१/१०) : 82 मीटर ऊंची विशाल प्रतिमा ‘स्टैैच्यू ऑफ यूनिटी’ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवड़ि‍या में अनावरण क‍िया. पीएम मोदी द्वारा प्रतिमा के अनावरण के बाद भारतीय वायुसेना के तीन विमानों ने उड़ान भर भगवा, सफेद तथा हरे रंग से आसमान में तिरंगा उकेरा. वायुसेना के विमानों ने सरदार पटेल की प्रतिमा को सलामी भी दी. इस दौरान पीएम नेे कहा कि अगर सरदार न होते तो सोमनाथ मंदिर और गिर के शेरों और हैदराबाद की चारमीनार को देखने के लिए वीजा लेना पड़ता. पीएम ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर लिए कहा कि कुछ लोग इस मुहिम को राजनीति के चश्‍मे से देखते हैं. महापुरुषों को याद करने के लिए भी हमारी आलोचना की जाती है.Swadesh-Vichar

संबोधन खत्‍म होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी का अवलोकन कर रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने मंत्रोच्‍चार के बीच स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी पर 30 नदियों का जल भी अर्पित किया और पूजा-अर्चना भी की. इस दौरान उनके साथ भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और सीएम विजय रूपाणी भी मौजूद रहे.

प्रतिमा के अनावरण के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने संबोधन में कहा कि आज वो पल है जो किसी भी राष्‍ट्र के इतिहास में दर्ज हो जाता है और उसे मिटा पाना बहुत मुश्किल होता है. आज का ये दिवस भी भारत के इतिहास के ऐसे ही कुछ क्षणों में से महत्‍वपूर्ण पल है. भारत की पहचान, भारत के सम्‍मान के लिए समर्पित एक विराट व्‍यक्तित्‍व का उचित स्‍थान का एक अधूरापन लेकर आजादी के इतने वर्षों तक हम चल रहे थे. आज धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है.

उन्‍होंने कहा कि ‘आज गुजरात के लोगों ने मुझे जो अभिनंदन पत्र दिया है, उसके लिए मैं यहां की जनता का बहुत आभारी हूं. सोचा नहीं था कि सरदार साहब की प्रतिमा के अनावरण का मौका मुझे मिलेगा. मुझे प्रतिमा निर्माण के लिए लोहा अभियान के दौरान मिले लोहे का पहला टुकड़ा भी मिला है. मैं गुजरात के लोगों के प्रति कृतज्ञ हूं. मैं इन चीजों को यहीं पर छोडूंगा ताकि इन्‍हें यहां के म्‍यूजियम में रखा जाए और लोग इन्‍हें याद रखें. आज जी भरके बहुत कुछ कहने का मन भी करता है. मुझे वो दिन याद आ रहे हैं जब देशभर के गांवों से किसानों से मिट्टी मांगी गई थी और खेती में इस्‍तेमाल किए गए पुराने औजार दानस्‍वरूप देने को कहा गया था, तो किसानों ने इसे एक जनआंदोलन रूप में लिया. सैंकड़ों मिट्रिक टन लोहा इस प्रतिमा के लिए मिला था’.

पीएम ने कहा कि ‘दुनिया की ये सबसे ऊंची प्रतिमा हमारी भावी पीढ़ी को साहस और संकल्‍प की याद दिलाएगी. जिसने मां भारती को टुकड़ों में बांटने की साजिश को नाकाम करने का पवित्र कार्य किया, ऐसे सरदार पटेल को शत-शत नमन करता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि उसी ताकत के बूते आज भारत अपनी शर्तों पर दुनिया से संवाद कर रहा है. आज भारत दुनिया में एक बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था और सामरिक शक्ति बन रहा है. इसके पीछे सरदार साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है. कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी तक अगर हम आज बेरोकटोक जा रहे हैं तो ये सरदार साहब के संकल्‍प की वजह से ही संभव हो पाया है. अगर सरदार साहब का संकल्‍प ना होता तो सिविल सेवा जैसे प्रशासनिक ढांचे को खड़ा करने में हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता’. प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वो सरदार साहब ही थे, जिनके चलते आज मौलिक अधिकार हमारे लोकतंत्र का प्रभावी हिस्‍सा है. सरदार पटेल के उसी प्रण, प्रतिभा और पुरुषार्थ ये जीता जागता उदाहरण है. ये राष्‍ट्र शास्‍वत है और शास्‍वत रहेगा’.

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